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पीओ नंबर (PO Number): क्या है और कैसे इस्तेमाल करें

पीओ नंबर वह यूनिक रेफ़रेंस है जो खरीदार किसी पर्चेज ऑर्डर को देता है। सप्लायर इसे अपने इनवॉइस और शिपिंग दस्तावेज़ों पर लिखता है ताकि खरीदार मिलान करके भुगतान कर सके।

पीओ नंबर क्या है?

पीओ नंबर (purchase order number) वह यूनिक रेफ़रेंस है जो खरीदार अपने हर पर्चेज ऑर्डर को देता है। सप्लायर यह नंबर अपने ऑर्डर कन्फ़र्मेशन, डिलीवरी नोट, पैकिंग लिस्ट और इनवॉइस पर लिखता है, ताकि खरीदार की अकाउंट्स टीम हर दस्तावेज़ को ऑर्डर से मिला सके और भुगतान मंज़ूर कर सके।

पीओ नंबर कहाँ लिखा जाता है

  • पर्चेज ऑर्डर पर ही, ऊपर, तारीख के साथ। पर्चेज ऑर्डर जनरेटर से एक बनाएँ।
  • सप्लायर के इनवॉइस पर, आमतौर पर "PO नंबर" या "आपका रेफ़रेंस" वाले खाने में। कई बड़े खरीदार बिना सही पीओ नंबर वाले इनवॉइस रिजेक्ट या होल्ड कर देते हैं।
  • शिपिंग दस्तावेज़ों पर: पैकिंग लिस्ट, कमर्शियल इनवॉइस और अक्सर कार्टन मार्क्स पर, ताकि रिसीविंग गोदाम माल की एंट्री कर सके।

पीओ नंबर दिखता कैसा है?

कोई स्टैंडर्ड फ़ॉर्मेट नहीं है; हर खरीदार अपना चुनता है। आम पैटर्न में एक प्रीफ़िक्स, साल और एक क्रमांक होता है, कभी कभी साइट या डिपार्टमेंट कोड के साथ:

फ़ॉर्मेटउदाहरण
क्रमांक4500018732
प्रीफ़िक्स और सालPO-2026-0147
साइट और नंबरKHI/PO/00382

फ़ॉर्मेट कोई भी हो, हर नंबर सिर्फ़ एक बार इस्तेमाल होना चाहिए, ताकि कोई दस्तावेज़ कभी दो ऑर्डर से न मिले।

थ्री वे मैचिंग कैसे होती है

भुगतान से पहले कई अकाउंट्स टीमें तीन दस्तावेज़ मिलाती हैं: पर्चेज ऑर्डर (क्या और किस कीमत पर मँगाया), गुड्स रिसीप्ट (असल में क्या पहुँचा) और सप्लायर का इनवॉइस (कितना चार्ज किया जा रहा है)। पीओ नंबर इन्हें जोड़ता है। अगर मात्रा या कीमत में फ़र्क हो, तो फ़र्क सुलझने तक इनवॉइस होल्ड रहता है, और यही सप्लायर के भुगतान में देरी की सबसे आम वजह है।

पीओ नंबर बनाम इनवॉइस नंबर

पीओ नंबर खरीदार बनाता है; इनवॉइस नंबर विक्रेता। इसलिए इनवॉइस पर आमतौर पर दोनों होते हैं। अगर एक पर्चेज ऑर्डर हिस्सों में डिलीवर हो, तो उससे कई इनवॉइस बन सकते हैं, और हर इनवॉइस पर वही पीओ नंबर होना चाहिए। पूरी तुलना के लिए पर्चेज ऑर्डर बनाम इनवॉइस देखें।

विशेषताएँ

  • आसान भाषा में परिभाषा
  • पीओ नंबर कहाँ लिखा जाता है
  • पीओ नंबर के सैंपल फ़ॉर्मेट
  • थ्री वे मैचिंग कैसे होती है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पीओ नंबर क्या है?

पीओ नंबर वह यूनिक रेफ़रेंस नंबर है जो खरीदार पर्चेज ऑर्डर को देता है, ताकि सप्लायर के इनवॉइस और डिलीवरी को ऑर्डर से मिलाया जा सके।

पीओ नंबर कौन बनाता है?

खरीदार, जब वह पर्चेज ऑर्डर जारी करता है। सप्लायर इसे अपने इनवॉइस और शिपिंग दस्तावेज़ों पर उतारता है।

इनवॉइस पर पीओ नंबर कहाँ लिखें?

इनवॉइस नंबर और तारीख के पास साफ़ लिखे खाने में, जैसे "PO नंबर" या "आपका ऑर्डर रेफ़रेंस"।

अगर इनवॉइस पर पीओ नंबर न हो तो क्या होता है?

कई खरीदार उसे किसी ऑर्डर से नहीं मिला पाते, इसलिए इनवॉइस होल्ड या वापस हो जाता है, और भुगतान में देरी होती है।

क्या एक पीओ के कई इनवॉइस हो सकते हैं?

हाँ। जब ऑर्डर हिस्सों में डिलीवर होता है, तो हर आंशिक इनवॉइस पर वही पीओ नंबर होता है।

लैंडेड कॉस्ट का मतलबलैंडेड कॉस्ट वह सब है जो इंपोर्टेड माल को आपके गोदाम तक लाने में लगता है: प्रोडक्ट की कीमत के साथ भाड़ा, बीमा, कस्टम ड्यूटी, वापस न मिलने वाले टैक्स, फ़ीस और लोकल डिलीवरी।प्रोफ़ॉर्मा बनाम कमर्शियल इनवॉइसप्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस माल भेजने से पहले भेजा गया शुरुआती कोटेशन है। कमर्शियल इनवॉइस असल में बेचे और भेजे गए माल का फ़ाइनल बिल है, और वह मुख्य दस्तावेज़ जिससे कस्टम ड्यूटी तय करता है।पर्चेज ऑर्डर बनाम इनवॉइसपर्चेज ऑर्डर खरीदार तय कीमतों पर माल मँगाने के लिए भेजता है। इनवॉइस विक्रेता डिलीवरी के बाद भुगतान माँगने के लिए भेजता है। पीओ नंबर दोनों को जोड़ता है।बिल ऑफ़ लेडिंग (B/L) का मतलबB/L (या BOL) का मतलब बिल ऑफ़ लेडिंग है: वह दस्तावेज़ जो कैरियर शिपमेंट के लिए मिले माल पर जारी करता है। यह रसीद है, ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट है, और अक्सर माल का टाइटल भी।