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इनकोटर्म्स 2020: सभी 11 नियम आसान हिंदी में

इनकोटर्म्स वे 11 ट्रेड नियम हैं जो बताते हैं कि ट्रांसपोर्ट, बीमा और कस्टम का खर्च कौन देगा और रिस्क विक्रेता से खरीदार को कहाँ जाएगा। किसी नियम को चुनें और खर्च व रिस्क चार्ट के साथ पूरी गाइड देखें।

इनकोटर्म्स 2020 के टूल्स

12 टूल्स

EXW: एक्स वर्क्सEXW में विक्रेता माल अपने परिसर में उपलब्ध कराता है, पैक करके, लेकिन बिना लोड किए और बिना एक्सपोर्ट क्लीयर किए। उसके बाद हर खर्च और हर रिस्क खरीदार का होता है।FCA: फ्री कैरियरFCA में विक्रेता माल का एक्सपोर्ट क्लीयरेंस करता है और तय जगह पर उसे खरीदार के कैरियर को सौंपता है। मुख्य ट्रांसपोर्ट खरीदार देता है और उसी पॉइंट से रिस्क भी उसका होता है।FAS: फ्री अलॉन्गसाइड शिपFAS में विक्रेता माल का एक्सपोर्ट क्लीयरेंस करता है और तय पोर्ट पर खरीदार के जहाज़ के बगल में रखता है। लोडिंग, समुद्री भाड़ा और उसके बाद का सब खर्च खरीदार देता है।FOB: फ्री ऑन बोर्डFOB में विक्रेता माल का एक्सपोर्ट क्लीयरेंस करता है और उसे खरीदार के बताए जहाज़ पर लोड करता है। जहाज़ पर चढ़ते ही रिस्क खरीदार का हो जाता है; समुद्री भाड़ा खरीदार देता है।CFR: कॉस्ट एंड फ्रेटCFR में तय गंतव्य पोर्ट तक का समुद्री भाड़ा विक्रेता देता है, लेकिन शिपमेंट पोर्ट पर माल जहाज़ पर चढ़ते ही रिस्क खरीदार का हो जाता है।CIF: कॉस्ट, इंश्योरेंस एंड फ्रेटCIF में तय गंतव्य पोर्ट तक का समुद्री भाड़ा और न्यूनतम कार्गो बीमा विक्रेता देता है। मूल स्थान पर माल जहाज़ पर चढ़ते ही रिस्क खरीदार का हो जाता है।CPT: कैरिज पेड टूCPT में तय गंतव्य स्थान तक का ट्रांसपोर्ट विक्रेता देता है, लेकिन मूल स्थान पर पहले कैरियर को माल सौंपते ही रिस्क खरीदार का हो जाता है।CIP: कैरिज एंड इंश्योरेंस पेड टूCIP में तय गंतव्य तक ट्रांसपोर्ट और ऑल रिस्क कार्गो बीमा विक्रेता देता है। पहले कैरियर को माल सौंपते ही रिस्क खरीदार का हो जाता है।DAP: डिलीवर्ड एट प्लेसDAP में विक्रेता अपने खर्च और रिस्क पर माल तय गंतव्य तक, अनलोड के लिए तैयार, पहुँचाता है। अनलोडिंग, इंपोर्ट क्लीयरेंस, ड्यूटी और टैक्स खरीदार संभालता है।DPU: डिलीवर्ड एट प्लेस अनलोडेडDPU में विक्रेता अपने खर्च और रिस्क पर माल तय गंतव्य तक पहुँचाता है और वहाँ अनलोड करता है। इंपोर्ट क्लीयरेंस, ड्यूटी और टैक्स खरीदार देता है।DDP: डिलीवर्ड ड्यूटी पेडDDP में विक्रेता माल इंपोर्ट क्लीयर करके, ड्यूटी और टैक्स चुकाकर, तय गंतव्य तक पहुँचाता है। किसी भी इनकोटर्म्स नियम में विक्रेता इससे ज़्यादा ज़िम्मेदारी नहीं ले सकता।इनकोटर्म चुनें और चार्टट्रांसपोर्ट, भाड़े और बीमे के बारे में चार सवालों के जवाब दें और अपने सौदे के लिए सही इनकोटर्म्स नियम पाएँ, नीचे सभी 11 नियमों का पूरा चार्ट भी है।

इनकोटर्म्स क्या हैं?

इनकोटर्म्स® अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य मंडल (International Chamber of Commerce, ICC) के बनाए स्टैंडर्ड ट्रेड टर्म हैं। सेल्स कॉन्ट्रैक्ट में इन्हें तीन अक्षर और एक जगह के रूप में लिखा जाता है, जैसे "FCA Shanghai Incoterms® 2020"। इससे दोनों पक्षों को पता चलता है कि सफ़र का कौन सा हिस्सा कौन बुक करेगा और उसका खर्च कौन देगा, एक्सपोर्ट और इंपोर्ट कस्टम कौन संभालेगा, और माल के नुकसान या टूट फूट का रिस्क किस पल विक्रेता से खरीदार के पास जाएगा।

मौजूदा एडिशन इनकोटर्म्स® 2020 है, जो 1 जनवरी 2020 से लागू है। इनकोटर्म्स 2025 नाम की कोई चीज़ नहीं है: 2020 के नियम तब तक लागू रहेंगे जब तक ICC नया एडिशन जारी न करे, और अगर दोनों पक्ष सहमत हों तो कॉन्ट्रैक्ट में 2010 जैसा पुराना एडिशन भी लिखा जा सकता है।

इनकोटर्म्स 2020 के 11 नियम एक नज़र में

नियमनामट्रांसपोर्टरिस्क खरीदार को कब जाता हैमुख्य भाड़ा कौन देता है
EXWएक्स वर्क्सकोई भीविक्रेता के परिसर में, लोड किए बिनाखरीदार
FCAफ्री कैरियरकोई भीखरीदार के कैरियर को सौंपते हीखरीदार
FASफ्री अलॉन्गसाइड शिपसमुद्रीशिपमेंट पोर्ट पर जहाज़ के बगल मेंखरीदार
FOBफ्री ऑन बोर्डसमुद्रीशिपमेंट पोर्ट पर जहाज़ पर चढ़ते हीखरीदार
CFRकॉस्ट एंड फ्रेटसमुद्रीशिपमेंट पोर्ट पर जहाज़ पर चढ़ते हीविक्रेता
CIFकॉस्ट, इंश्योरेंस एंड फ्रेटसमुद्रीशिपमेंट पोर्ट पर जहाज़ पर चढ़ते हीविक्रेता (बीमा के साथ)
CPTकैरिज पेड टूकोई भीपहले कैरियर को सौंपते हीविक्रेता
CIPकैरिज एंड इंश्योरेंस पेड टूकोई भीपहले कैरियर को सौंपते हीविक्रेता (बीमा के साथ)
DAPडिलीवर्ड एट प्लेसकोई भीतय गंतव्य पर, अनलोड के लिए तैयारविक्रेता
DPUडिलीवर्ड एट प्लेस अनलोडेडकोई भीतय गंतव्य पर, अनलोड होने के बादविक्रेता
DDPडिलीवर्ड ड्यूटी पेडकोई भीतय गंतव्य पर, इंपोर्ट क्लीयर होकरविक्रेता (ड्यूटी के साथ)

हर स्टेप को साथ साथ देखने के लिए, या चार सवालों के जवाब देकर सही नियम जानने के लिए, इनकोटर्म चुनने वाला टूल और तुलना चार्ट खोलें।

चार ग्रुप: E, F, C और D

  • E (रवानगी): EXW। विक्रेता सिर्फ़ माल उपलब्ध कराता है।
  • F (मुख्य ढुलाई विक्रेता नहीं देता): FCA, FAS, FOB। विक्रेता माल खरीदार के कैरियर को देता है; मुख्य भाड़ा खरीदार देता है।
  • C (मुख्य ढुलाई विक्रेता देता है): CFR, CIF, CPT, CIP। मुख्य भाड़ा विक्रेता देता है, लेकिन रिस्क मूल स्थान पर ही ट्रांसफ़र हो जाता है। इन नियमों में दो अहम पॉइंट होते हैं: रिस्क कहाँ जाता है और खर्च कहाँ खत्म होता है।
  • D (पहुँच): DAP, DPU, DDP। माल गंतव्य तक पहुँचने तक रिस्क विक्रेता का रहता है।

सिर्फ़ समुद्री या कोई भी ट्रांसपोर्ट?

चार नियम सिर्फ़ समुद्री और अंतर्देशीय जलमार्ग ट्रांसपोर्ट के लिए हैं: FAS, FOB, CFR और CIF। ये बल्क और ब्रेक बल्क कार्गो के लिए ठीक हैं जो सीधे जहाज़ पर लोड होता है। कंटेनर के लिए ICC "किसी भी मोड" वाले नियमों की सलाह देता है: FOB की जगह FCA, और CFR या CIF की जगह CPT या CIP, क्योंकि कंटेनर टर्मिनल पर कैरियर को सौंपा जाता है, अक्सर लोडिंग से कई दिन पहले।

इनकोटर्म्स 2020 में क्या बदला

  • DAT (Delivered at Terminal) बदलकर DPU, यानी Delivered at Place Unloaded हो गया, ताकि अनलोडिंग की जगह का टर्मिनल होना ज़रूरी न रहे।
  • CIP में अब ऑल रिस्क बीमा (इंस्टीट्यूट कार्गो क्लॉज़ A) ज़रूरी है। CIF में अब भी सिर्फ़ न्यूनतम कवर (क्लॉज़ C) ज़रूरी है।
  • FCA में खरीदार और विक्रेता तय कर सकते हैं कि खरीदार का कैरियर विक्रेता को ऑन बोर्ड बिल ऑफ़ लेडिंग देगा, जो लेटर ऑफ़ क्रेडिट में काम आता है।
  • FCA, DAP, DPU और DDP में विक्रेता और खरीदार अपने खुद के वाहन इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • सिक्योरिटी से जुड़े खर्च और ज़िम्मेदारियाँ अब हर नियम के खर्च बँटवारे में लिखी हैं।

इनकोटर्म्स क्या तय नहीं करते

इनकोटर्म्स यह तय नहीं करते कि माल का मालिकाना हक़ कब ट्रांसफ़र होगा, कीमत क्या होगी या पेमेंट कैसे होगा, या कॉन्ट्रैक्ट टूटने पर क्या होगा। ये बातें सेल्स कॉन्ट्रैक्ट में लिखी जाती हैं। ये ट्रांसपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी तय नहीं करते: वह काम बिल ऑफ़ लेडिंग या एयर वेबिल करता है। नियम हमेशा सटीक जगह और एडिशन के साथ लिखें, जैसे "DAP 12 Harbour Road, Felixstowe, UK, Incoterms® 2020"।